
रायगढ़ | छत्तीसगढ़ तमनार क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर प्रस्तावित आंदोलन से पहले आयोजित त्रिपक्षीय बैठक में प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संगठनों के बीच सकारात्मक सहमति बन गई। बैठक के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
प्रशासन की पहल से सुलझा विवाद
घटना से पहले स्थानीय ग्रामीणों ने रोजगार, प्रदूषण, सड़क सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहल करते हुए घरघोड़ा में बैठक आयोजित की, जिसमें सभी पक्षों ने मिलकर समाधान तलाशा।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बैठक में कई महत्वपूर्ण जनसमस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ:


- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
- प्रदूषण नियंत्रण और फ्लाई ऐश की समस्या
- सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
- स्वास्थ्य सुविधाएं और CSR कार्य
- औद्योगिक अपशिष्ट और श्रमिक हित
रोजगार को लेकर प्रशासन का बड़ा आश्वासन
युवाओं की मांग पर प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाया:
- कॉलेज, ITI और पॉलिटेक्निक में नियमित प्लेसमेंट कैंप
- प्रभावित गांवों के लिए विशेष भर्ती शिविर
- उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता
प्रशासन ने जल्द ही रोजगार उन्मुख कार्ययोजना तैयार करने का भरोसा दिया।
सड़क सुरक्षा और सुविधाओं पर फैसले
बैठक में सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए:
- प्रमुख स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने का प्रस्ताव
- पूंजीपथरा तिराहा में हाईमास्ट लाइट
- बंजारी मंदिर से प्लांट तक स्ट्रीट लाइट, सफाई और मरम्मत
- भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग पर रोक
- वैकल्पिक पार्किंग और ट्रैफिक सुधार
साथ ही रायगढ़-घरघोड़ा और घरघोड़ा-धरमजयगढ़ फोरलेन सड़क की मांग को शासन स्तर पर भेजने की बात कही गई।
प्रदूषण और CSR कार्यों पर सख्ती
बैठक में प्रदूषण, औद्योगिक कचरे और CSR गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना और प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।
आंदोलन स्थगित, लोगों को मिली राहत
बैठक के बाद संगठन के नेतृत्व ने प्रशासन की सकारात्मक पहल को देखते हुए प्रस्तावित आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में तनाव कम हुआ और लोगों को राहत मिली।
