CG Teacher News: अब सरकारी ही नहीं, प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को भी करनी होगी 50 घंटे की अनिवार्य ट्रेनिंग

रायपुर | शिक्षा डेस्क छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब प्रदेश के सरकारी, प्राइवेट और अनुदान प्राप्त स्कूलों के सभी शिक्षकों को 50 घंटे की अनिवार्य ट्रेनिंग लेनी होगी। इस ट्रेनिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग के साथ-साथ सायबर ठगी से बचाव के आधुनिक तरीके सिखाए जाएंगे।

नई शिक्षा नीति के तहत अनिवार्य होगी ट्रेनिंग

नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत शिक्षकों के लिए सतत व्यावसायिक विकास (CPD) कार्यक्रम को अनिवार्य किया गया है। इसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक को हर वर्ष 50 घंटे की ऑनलाइन ट्रेनिंग पूरी करनी होगी।
यह प्रशिक्षण एससीईआरटी (SCERT) द्वारा तैयार कार्ययोजना के अनुसार दीक्षा पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। संभावना है कि यह ट्रेनिंग आगामी परीक्षाओं के बाद शुरू की जाएगी।

डिजिटल स्किल्स से लेकर रोबोटिक्स तक पढ़ाया जाएगा

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को कई आधुनिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

  • डिजिटल स्किल्स और टेक्नो-पेडागॉजी

  • डिजिटल वेलनेस और मीडिया लिटरेसी

  • सायबर सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा

  • डेटा प्राइवेसी

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)

  • रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक

हर मॉड्यूल के बाद परीक्षा, मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट

प्रत्येक मॉड्यूल के अंत में प्रश्नोत्तर और मूल्यांकन होगा।
कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद शिक्षकों को डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसके लिए अंतिम परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।

सायबर ठगी से बचने की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

शिक्षकों को सिखाया जाएगा कि:

  • मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर को सुरक्षित कैसे रखें

  • मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं

  • फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक की पहचान कैसे करें

  • सिस्टम अपडेट और एंटीवायरस का सही उपयोग

  • डिजि-लॉकर और डिजिटल सिटीजनशिप का प्रभावी इस्तेमाल

कक्षा 6वीं से एआई को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, एससीईआरटी कक्षा 6वीं से एआई को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए एआई पर पाठ्य सामग्री तैयार की जा रही है। इस संबंध में पहले ही एससीईआरटी में बैठक हो चुकी है।

बच्चों की डिजिटल सुरक्षा भी होगा मुख्य लक्ष्य

इस पहल का उद्देश्य केवल शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना नहीं है, बल्कि बच्चों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
शिक्षक बच्चों को सिखाएंगे कि:

  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें

  • सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें

  • डिजिटल लत, तनाव, अवसाद और चिंता से कैसे बचें

पहले शिक्षक स्वयं प्रशिक्षित होंगे, उसके बाद विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सुरक्षित और जागरूक बनाया जाएगा।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *