छत्तीसगढ़ में 29 दिसंबर से प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पर असर पड़ने की संभावना है। दरअसल, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने 29 से 31 दिसंबर तक काम बंद–कलम बंद हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल के चलते प्रदेश के करीब 40 हजार स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, शिक्षक संगठनों ने इस आंदोलन को पूरी तरह समर्थन नहीं दिया, बल्कि सिर्फ नैतिक समर्थन देने का फैसला किया है।
शिक्षक संगठनों का सिर्फ नैतिक समर्थन
फेडरेशन की हड़ताल को लेकर छत्तीसगढ़ के कई बड़े शिक्षक संगठन आंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होंगे।
इन संगठनों ने केवल नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है।
हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले प्रमुख संगठन:
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शालेय शिक्षक संघ (वीरेंद्र दुबे)
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छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन (संजय शर्मा)
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समग्र सहायक शिक्षक फेडरेशन
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संयुक्त शिक्षक मोर्चा
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25 से अधिक छोटे-बड़े शिक्षक संगठन
हालांकि, संयुक्त शिक्षक संघ के केदार जैन ने इस आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है।
शिक्षक संगठनों ने क्यों नहीं दिया पूरा समर्थन?
शिक्षक संगठनों का कहना है कि:
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शिक्षकों की मांगें सिर्फ महंगाई भत्ता (DA) तक सीमित नहीं हैं
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पदोन्नति, युक्तियुक्तकरण, सेवा शर्तें और अन्य समस्याएं भी लंबे समय से लंबित हैं
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फेडरेशन के आंदोलनों में अक्सर शिक्षकों की मांगों को नजरअंदाज किया जाता है
संगठनों ने आरोप लगाया कि फेडरेशन के आंदोलन अंतिम समय में कमजोर पड़ जाते हैं और बिना ठोस परिणाम के समाप्त हो जाते हैं।
आंदोलन में शामिल नहीं होने के पीछे की वजह
शिक्षक संगठनों ने साफ कहा कि:
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पहले फेडरेशन के साथ जुड़ने पर भी शिक्षकों की मांगों को प्राथमिकता नहीं मिली
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इसलिए फिलहाल केवल नैतिक समर्थन दिया जा रहा है
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आने वाले समय में शिक्षक अपनी अलग रणनीति के तहत सरकार से बातचीत करेंगे
जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
स्कूलों की पढ़ाई होगी प्रभावित
जानकारी के मुताबिक:
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जिन स्कूलों में 4 शिक्षक पदस्थ हैं, वहां 2 शिक्षक हड़ताल में शामिल होंगे
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शेष 2 शिक्षक बच्चों को संभालेंगे
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इससे पढ़ाई पूरी तरह बंद नहीं होगी, लेकिन शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहेंगी
गौरतलब है कि 21 से 27 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश था, जो अब समाप्त हो चुका है।
29 दिसंबर से स्कूल खुल रहे हैं, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।
हड़ताल पर डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कर्मचारियों की हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“राज्य सरकार कर्मचारियों के हित में लगातार काम कर रही है।
समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और नई भर्तियां भी हो रही हैं।
कर्मचारियों को आंदोलन की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।”