Gariaband. रविवार का दिन गरियाबंद जिले के लिए बेहद दुखद साबित हुआ। जिले में दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। छूरा थाना क्षेत्र के ग्राम रसेला से एक व्यक्ति की तालाब में डूबने की खबर आई, जबकि कुडेरादादर जंगल से 10–12 दिन से लापता 80 वर्षीय वृद्ध का कंकालनुमा शव मिला। दोनों घटनाओं की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
तालाब में डूबने से 45 वर्षीय हिरा सिंह की मौत
उपशीर्षक: मिर्गी का दौरा पड़ने की आशंका, सुबह तालाब में मिला शव
रविवार सुबह ढोडगा तालाब में ग्रामीणों ने 45 वर्ष के हिरा सिंह (पिता – बीर सिंह ठाकुर) का शव देखा। तुरंत छूरा पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजन और पुलिस की अनुमानित वजह:
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हिरा सिंह को लंबे समय से मिर्गी की बीमारी थी
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कई बार अचानक दौरा पड़ चुका था
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आशंका है कि सुबह दौरा पड़ने पर वे तालाब में गिर गए और मौत हो गई
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
10–12 दिन से लापता वृद्ध का जंगल में मिला कंकालनुमा शव
जंगली जानवरों ने शव को क्षतिग्रस्त किया, परिजन पहचान कर दंग रह गए
रसेला के 80 वर्षीय गोविंद मांझी लगभग 10–12 दिन पहले अचानक घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने छूरा थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
कई दिनों तक तलाश के बाद रविवार को परिजन कुडेरादादर जंगल पहुंचे, जहां उन्हें एक क्षत-विक्षत शव दिखा। पहचान करने पर वह गोविंद मांझी का ही निकला।
पुलिस जांच में सामने आए तथ्य:
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शव जंगल के भीतर पिपरछेड़ी थाना क्षेत्र में मिला
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10–12 दिन पुराना होने के कारण जंगली जानवरों ने बड़े पैमाने पर क्षति पहुंचाई
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शव को परिजनों ने प्लास्टिक में पैक कर मुश्किल से गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचाया
पोस्टमार्टम रायपुर मेकाहारा रेफर
गरियाबंद जिला अस्पताल के डॉक्टर हरीश चौहान ने बताया कि शव अत्यधिक क्षतिग्रस्त था, इसलिए यहां पोस्टमार्टम संभव नहीं था।
ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम केवल रायपुर मेकाहारा अस्पताल में किया जाता है।
वृद्ध के शव को सोमवार को रायपुर रेफर कर दिया गया है।