छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड लेखापाल की हत्या की साजिश उनके ही सगे भाई और परिवार के लोगों ने रची। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं।
कैसे खुला पूरा मामला?
यह पूरा मामला थाना लालपुर क्षेत्र का है। जब दामोदर सिंह राजपूत अचानक लापता हुए, तो पुलिस ने जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और “त्रिनयन ऐप” की मदद से संदिग्ध वाहन की पहचान की गई, जिससे पुलिस धीरे-धीरे पूरे गिरोह तक पहुंच गई।
संपत्ति हड़पने के लिए रची गई खौफनाक साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए पूरी प्लानिंग की थी।
- पहले मृतक और उनके बेटे के बीच विवाद का फायदा उठाया गया
- फिर उन्हें बेटे से जान का खतरा बताकर संपत्ति अपने नाम करवाई
- बेटे को संपत्ति से दूर रखने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए
अपहरण के बाद हत्या, फिर शव को ठिकाने लगाया
घटना वाले दिन आरोपियों ने दामोदर सिंह को सुनसान जगह पर रोका।
- गला घोंटकर हत्या कर दी गई
- शव को दूसरे जिले के जंगल में दफना दिया गया
- पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया गया
15 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल
पुलिस ने इस मामले में कुल 15 लोगों को पकड़ा है।
- 11 वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
- 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया
- घटना में इस्तेमाल वाहन और नगदी भी जब्त की गई
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला पूरी तरह से सुनियोजित था और संपत्ति के लालच में रिश्तों का खून किया गया।
फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।