Raigarh Carbon Plant Blast News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद मौत का आंकड़ा बढ़कर चार हो गया है। इलाज के दौरान 9 माह की मासूम बच्ची सहित पिता-पुत्र समेत तीन अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। घटना से नाराज़ ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और परिजनों से चर्चा में जुटी है।
कैसे हुआ कार्बन प्लांट हादसा
जानकारी के अनुसार 5 फरवरी को खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में काम के दौरान फर्नेस खोलते समय तेज आग और प्रेशर का गुबार बाहर निकला।
-
पास में काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए
-
कुल 8 श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए
-
आरोप है कि फर्नेस को पर्याप्त ठंडा किए बिना खोला गया
-
सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे
प्लांट में पुराने टायर पिघलाकर तेल बनाने का काम किया जाता है।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
इलाज के दौरान जिन चार लोगों की मौत हुई, उनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं:
-
9 माह की मासूम बच्ची
-
उसके पिता (27 वर्ष)
-
परिवार के एक अन्य सदस्य (45 वर्ष)
-
एक अन्य युवक (19 वर्ष)
एक ही परिवार में तीन मौतों से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
कई घायल अब भी गंभीर, रायपुर में इलाज जारी
घटना में झुलसे अन्य मजदूरों का इलाज रायपुर के बर्न सेंटर में जारी है।
कुछ घायलों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है, जिनमें 30% से लेकर 80% तक झुलसने के मामले शामिल हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार चल रहा है।
मुआवजे को लेकर विवाद, ग्रामीणों का प्रदर्शन
परिजनों का कहना है कि घोषित मुआवजा पर्याप्त नहीं है।
-
कंपनी प्रबंधन ने प्रति मृतक ₹12 लाख मुआवजा घोषित किया
-
परिजनों की मांग: कम से कम ₹50 लाख प्रति मृतक
-
परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी
-
पुनर्वास पैकेज और सरकारी सहायता
इन्हीं मांगों को लेकर ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
FIR दर्ज, प्रबंधन पर दबाव बनाने के आरोप
हादसे को लेकर FIR दर्ज की जा चुकी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन द्वारा बयान बदलने और FIR वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। पीड़ित परिवारों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन बोला – मांगों पर चर्चा जारी
जिला प्रशासन के अनुसार अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद है और परिजनों से बातचीत जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवारों की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।