
फीस वसूली में गड़बड़ी: ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस शुल्क में भारी अनियमितता पाई गई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीन निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा छात्रों से अनुचित रूप से अधिक शुल्क वसूलने पर प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति ने बड़ी कार्रवाई की है। इन कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और एक महीने के भीतर वसूली गई अतिरिक्त राशि को 7% वार्षिक ब्याज के साथ छात्रों को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं।
जुर्माना लगाने वाले मेडिकल कॉलेजों की सूची:
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शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जुनवानी, भिलाई
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बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, मोवा, रायपुर
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रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, भानसोज, रायपुर
जांच में सामने आई चौंकाने वाली अनियमितताएं:
▶️ शंकराचार्य इंस्टीट्यूट:
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वास्तविक ट्रांसपोर्ट शुल्क: ₹4,635 | वसूला गया: ₹2.50 लाख
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हॉस्टल शुल्क: ₹53,337 | वसूला गया: ₹2.46 लाख
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मेस शुल्क: ₹51,015 | वसूला गया: ₹56,700
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कुल अतिरिक्त वसूली: ₹4.43 लाख से अधिक
▶️ बालाजी इंस्टीट्यूट:
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वास्तविक ट्रांसपोर्ट शुल्क: ₹13,719 | वसूला गया: ₹5.50 लाख (कुल)
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अनुमानित अतिरिक्त वसूली: ₹4.58 लाख से अधिक
▶️ रायपुर इंस्टीट्यूट:
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वास्तविक ट्रांसपोर्ट शुल्क: ₹13,384
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अन्य मदों के साथ कुल अतिरिक्त वसूली: ₹4.53 लाख से अधिक
समिति का सख्त निर्देश:
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सभी तीनों कॉलेजों को एक महीने के भीतर वसूल की गई अतिरिक्त राशि को 7% ब्याज सहित छात्रों को लौटाना होगा।
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जुर्माने की राशि भी शासन के पक्ष में जमा करनी होगी।
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नहीं जमा करने पर मान्यता रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।
बेरोकटोक वसूली पर नकेल: छात्रों को राहत
प्रवेश और फीस विनियामक समिति के अध्यक्ष जस्टिस प्रभात कुमार शास्त्री ने बताया कि ये तीनों संस्थान “न लाभ-न हानि” के सिद्धांत का उल्लंघन कर रहे थे, जबकि उन्हें सिर्फ वास्तविक खर्च के आधार पर शुल्क लेने का अधिकार है।

