
अदालत में सुनवाई, अभियोग दर्ज
बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट आगजनी हिंसा मामले में आज अदालत में अहम सुनवाई हुई।
👉 भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत 7 लोगों पर आरोप तय किए गए।
👉 इन पर आरोप है कि इन्होंने दशहरा मैदान में मौजूद प्रदर्शनकारियों को उकसाया।
👉 कोर्ट में सभी आरोपियों ने आरोपों को खारिज कर दिया।
अब अगली सुनवाई में अभियोजन साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे।

क्या है पूरा मामला?
👉 10 जून 2024 को सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान बलौदाबाजार में हिंसा भड़क उठी।
👉 संयुक्त जिला कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और तहसील भवन में आगजनी व तोड़फोड़ हुई।
👉 पुलिस ने इस हिंसा से जुड़े 13 एफआईआर दर्ज की थी।
👉 एफआईआर नंबर 386/2024 में विधायक देवेंद्र यादव सहित 7 लोगों को आरोपी बनाया गया।
कोर्ट में क्या हुआ?
👉 जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई।
👉 अभियोग पत्र पेश होने के बाद अब गवाहों की गवाही दर्ज की जाएगी।
👉 विशेष लोक अभियोजक मुकुंद देशपांडे ने बताया कि मामले में अब आगे गवाही होगी।
देवेंद्र यादव का बयान – ‘राजनीति से प्रेरित केस’
🔹 विधायक देवेंद्र यादव ने इसे राजनीति से प्रेरित मामला बताया।
🔹 उन्होंने कहा – “न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन कांग्रेस सरकार आने पर यह केस खत्म हो जाएगा।”
क्या हो सकते हैं इसके राजनीतिक प्रभाव?
✅ चुनावी माहौल में कांग्रेस और बीजेपी के बीच तनाव बढ़ सकता है।
✅ विपक्ष इस मुद्दे को कानूनी और प्रशासनिक विफलता के रूप में भुना सकता है।
✅ भविष्य में कोर्ट का फैसला राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
अगली सुनवाई में क्या होगा?
✔️ अब अदालत में गवाहों की गवाही दर्ज होगी।
✔️ अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष अपने-अपने सबूत पेश करेंगे।
