रायपुर में सामने आया एक और हनी ट्रैप मामला, ट्रांसपोर्ट कारोबारी फंसा विवाद में

रजिस्ट्री, रिश्ते और दुष्कर्म की धमकी ने बढ़ाया मामला, बड़े खुलासों की आशंका

रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर हनी ट्रैप का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शहर के सामाजिक और कानूनी माहौल में हलचल मचा दी है। इस मामले में पीड़ित रांवाभाटा क्षेत्र का एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी बताया जा रहा है, जबकि आरोपों के केंद्र में एक शादीशुदा महिला, जो मेटल पार्क रांवाभाटा में रहती है और एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल की कार्यकर्ता भी है, शामिल बताई जा रही है।

कई वर्षों तक चले संबंध, मकान और रजिस्ट्री से शुरू हुआ विवाद

सूत्रों के अनुसार, व्यवसायी और महिला के बीच कई सालों तक नजदीकी संबंध रहे। इसी दौरान व्यवसायी ने महिला को एक मकान बनाकर दिया, जिसकी रजिस्ट्री दोनों के नाम पर कराई गई थी।

विवाद तब सामने आया जब पिछले वर्ष महिला बैंक से ऋण लेने के लिए रजिस्ट्री लेकर पहुंची, जहां उसे पता चला कि मकान की रजिस्ट्री सिर्फ उसके नाम पर नहीं, बल्कि संयुक्त रूप से दर्ज है।

दुष्कर्म की शिकायत की धमकी, कारोबारी पर बना दबाव

रजिस्ट्री के इस खुलासे के बाद कथित तौर पर महिला व्यवसायी के कार्यालय पहुंची और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी।

स्थिति बिगड़ते देख कारोबारी ने मामले को शांत करने के लिए “हक त्याग विलेख” (Relinquishment Deed) तैयार कराया।

हक त्याग विलेख में रखी गई शर्तें

सूत्रों के मुताबिक, तैयार किए गए विलेख में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि:

  • महिला भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी शिकायत या धन की मांग नहीं करेगी

  • शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में रजिस्ट्री स्वतः शून्य मानी जाएगी

बताया जा रहा है कि कारोबारी ने अपने वकील से सलाह लेकर आगे की कानूनी रणनीति भी तैयार कर ली है।

हनी ट्रैप के पुराने मामलों से जुड़ रही कड़ियां

छत्तीसगढ़ में हनी ट्रैप के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इससे पहले तोमर बंधु केस में एक सर्राफा कारोबारी को करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चपत लगने की खबरें सामने आई थीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और कानूनी स्तर पर गंभीर प्रभाव डालते हैं।

FIR दर्ज नहीं, लेकिन जांच जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है, लेकिन:

  • रजिस्ट्री दस्तावेज़

  • हक त्याग विलेख

  • बैंक से जुड़े लेन-देन

की जांच और कानूनी समीक्षा की जा रही है।

नागरिकों में चर्चा, बड़े खुलासों की उम्मीद

शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में दस्तावेज़, बयान और डिजिटल साक्ष्य सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

फिलहाल पुलिस और न्यायिक एजेंसियों की नजर इस हाई-प्रोफाइल हनी ट्रैप विवाद पर टिकी हुई है।

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