एंटरटेनमेंट डेस्क – बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह इन दिनों अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान के बाद अब रकुल ने भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को लेकर खुलकर बात की है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इंडस्ट्री में आउटसाइडर्स को मिलने वाले अवसरों पर नई बहस छेड़ दी है।
रकुल प्रीत सिंह का फिल्मी सफर
10 अक्टूबर 1990 को नई दिल्ली में जन्मीं रकुल प्रीत सिंह ने अपने करियर की शुरुआत साल 2009 में कन्नड़ सिनेमा से की थी। इसके बाद उन्होंने 2014 में फिल्म ‘यारियां’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। साउथ और हिंदी सिनेमा दोनों में अपनी अलग पहचान बना चुकी रकुल आज इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं।
“बॉलीवुड में आउटसाइडर्स को काम मिलता है, लेकिन…”
एबीपी के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान रकुल प्रीत सिंह ने कहा—
“बॉलीवुड में आउटसाइडर्स को काम मिलता है, लेकिन उन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।”
उन्होंने आगे बताया कि वह खुद फिल्म इंडस्ट्री से नहीं थीं, इसके बावजूद उन्होंने एक्टर बनने का फैसला किया और लगातार प्रयास करती रहीं। रकुल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बॉलीवुड में मौके नहीं मिलते, बल्कि मौका मिलने में वक्त ज्यादा लगता है।
कास्टिंग डायरेक्टर्स फोन तक नहीं उठाते थे
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए रकुल ने कहा—
“शुरुआती दिनों में मुझे डायरेक्टर और प्रोड्यूसर तक पहुंचने में सालों लग गए। कई बार कास्टिंग डायरेक्टर्स मेरा फोन तक नहीं उठाते थे।”
उन्होंने बताया कि हजारों लोग एक्टर बनने के लिए रोज फोन करते हैं, ऐसे में नए लोगों को पहचान बनाने के लिए धैर्य और लगातार मेहनत जरूरी होती है।
मेहनत के बाद बदलते हैं हालात
रकुल प्रीत सिंह ने कहा कि शुरुआती कुछ साल बेहद कठिन होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे इंडस्ट्री आपको पहचानने लगती है, चीजें धीरे-धीरे आसान हो जाती हैं और काम मिलने लगता है।
उनका यह बयान उन नए कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के बॉलीवुड में कदम रखने का सपना देखते हैं।