सपनों का घर कब डरावनी यादों में बदल जाए, कहा नहीं जा सकता. इंग्लैंड के सेंट ओसिथ में स्थित 16वीं सदी का “द केज” वैनेसा मिचेल के लिए भी ऐसा ही खौफनाक अनुभव बन गया, जहां अजीब घटनाओं ने उनकी जिंदगी को डर और दहशत में जकड़ दिया.
कई लोग अपने सपनों का घर पाने के लिए सालों इंतजार करते हैं, लेकिन सोचिए अगर वही सपना धीरे-धीरे डर में बदल जाए तो क्या होगा? ऐसा ही कुछ हुआ इंग्लैंड के एसेक्स में पली-बढ़ी वैनेसा मिचेल के साथ हुआ. जिस पुराने घर को वह बचपन से देखकर दीवाना हो गई थीं, वहीं आगे चलकर उनकी जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन गया.
वैनेसा मिचेल का बचपन इंग्लैंड के प्राचीन गांव सेंट ओसिथ (St Osyth) में बीता. गांव के पास स्थित 16वीं सदी की एक पुरानी इमारत, जिसे लोग “द केज” (The Cage) के नाम से जानते हैं, उसे देखकर वह हमेशा आकर्षित होती थीं. हालांकि इस घर को लेकर यह चर्चा आम थी कि यह जगह भूतिया है और यहां किसी ने आत्महत्या भी की थी, फिर भी वैनेसा ने जब इसे बिना सोचे समझे ही खरीद लिया. द मिरर के अनुसार, वैनेसा का कहना था- “मैं ऐसे गांव में रहती हूं जहां लगभग हर पुरानी इमारत के बारे में कहा जाता है कि वह भूतिया है, फिर मुझे क्यों डर लगता?”
‘द केज’ का खौफनाक इतिहास
‘द केज’ कहे जाने वाले इस घर का इतिहास काफी ज्यादा खतरनाक है. यह इमारत 1500 के दशक में चुड़ैलों की जेल के रूप में इस्तेमाल होती थी. यहां कई महिलाओं को जादू-टोना के आरोप में कैद भी किया गया था. इतिहासकारों के अनुसार, इस गांव में कुल 14 महिलाओं को चुड़ैल बताकर दोषी ठहराया गया, जिनमें सबसे पहली थीं उर्सुला केम्प. उर्सुला एक गरीब दाई थीं, जिन पर एक बच्चे की मौत का आरोप लगाया गया और बाद में उन्हें फांसी दे दी गई.
घर में कदम रखते ही बदला माहौल
2004 में वैनेसा ने यह ऐतिहासिक घर करीब £1,44,000 (लगभग ₹1.50–₹1.55 करोड़ रुपये) में खरीदा और अपनी दोस्त निकोल के साथ वहां रहने लगीं, लेकिन चाबियां मिलने के महज 24 घंटे के भीतर ही उन्हें अजीब-अजीब एहसास होने लगे. एक दिन जब वह रसोई में चाय बना रही थीं, तो उन्हें लगा कि निकोल कमरे में आई है, लेकिन पीछे मुड़कर देखा तो वहां कोई नहीं था.
उसी पल उन्होंने आंखों के कोने से एक बड़ा काला साया देखा जो धीरे-धीरे उनके पीछे से गुजर गया. शुरुआत में वैनेसा ने इसे नजर का धोखा समझकर नजर अंदाज किया, लेकिन समय के साथ घटनाएं बढ़ती चली गईं- बिना छुए नल खुद-ब-खुद खुल जाते, दरवाजे जोर से खुल जाते, अजीब आकृतियां दिखाई देतीं और एक बार तो घर में खून जैसे दाग भी नजर आए. सबसे डरावना अनुभव तब हुआ जब वैनेसा गर्भवती थीं और उनके अनुसार किसी अदृश्य ताकत ने उन्हें धक्का दे दिया, जिसके बाद घर में रहना उनके लिए भय का कारण बन गया.
एक कमरे में सिमट गई जिंदगी
डर के कारण उनकी दोस्त और उसका साथी घर छोड़कर चले गए. वैनेसा अपने छोटे बेटे के साथ सिर्फ एक कमरे में रहने को मजबूर हो गईं. चार साल तक इस डर के साथ जीने के बाद उन्होंने आखिरकार घर छोड़ दिया. उनके जाने के बाद भी यह घर 9 साल तक नहीं बिका.
बाद में उन्हें पता चला कि उनसे पहले भी जो लोग इस घर में रहे, कोई भी तीन साल से ज्यादा टिक नहीं पाया. 2025 में यह घर ऑस्ट्रेलिया की पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर एमीज क्रिप्ट और उनके पार्टनर ने खरीदा. उन्होंने बताया कि वह इस इमारत को एक ऐसे स्थान में बदलना चाहती हैं, जहां आत्माएं सुरक्षित महसूस करें, साथ ही इसकी ऐतिहासिक विरासत भी बनी रहे.