दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में नई गर्माहट देखने को मिली। द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को भारत आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। कनाडा प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मार्क कार्नी 2026 की शुरुआत में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।
व्यापार, तकनीक और ऊर्जा पर होगी गहरी भागीदारी
वार्ता में भारत और कनाडा ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, जिनमें शामिल हैं:
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व्यापार
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निवेश
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प्रौद्योगिकी
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ऊर्जा
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रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्र
दोनों नेताओं ने इन क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने पर जोर दिया।
महत्वाकांक्षी CEPA समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू
आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों ने एक महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर औपचारिक बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया है। CEPA में शामिल होंगे:
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वस्तुओं का व्यापार
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सेवाएं
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निवेश
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कृषि
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डिजिटल व्यापार
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सतत विकास
साथ ही मोदी और कार्नी ने मंत्रियों, अधिकारियों और व्यापारी समुदाय के बीच नियमित उच्च-स्तरीय यात्राओं की जरूरत पर भी सहमति जताई।
कानून-प्रवर्तन सहयोग पर भी हुई प्रगति
कार्नी ने दोनों देशों के बीच कानून लागू करने के मामलों पर जारी संवाद और प्रगति का स्वागत किया। यह दोनों देशों के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
2023 के बाद से संबंध सुधारने की कोशिशें तेज
वर्ष 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था, जिसके बाद भारत-कनाडा संबंधों में भारी तनाव आ गया था। भारत ने उन आरोपों को “बेतुका और निराधार” बताया था।
हाल के महीनों में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को फिर से सामान्य और सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मार्क कार्नी की आगामी भारत यात्रा इसी बदलाव की एक बड़ी निशानी मानी जा रही है।