नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने साफ किया है कि आठवें वेतन आयोग ने अभी अपना काम शुरू ही किया है और यह फिलहाल प्रारंभिक चरण में है। इसी वजह से केंद्रीय बजट में अभी इसके लिए कोई वित्तीय प्रावधान नहीं किया गया है।
क्यों नहीं किया गया बजट में प्रावधान?
व्यय सचिव ने बताया कि—
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8वें वेतन आयोग का गठन हाल ही में जनवरी में हुआ है
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आयोग के सदस्य अभी कार्यप्रणाली तय कर रहे हैं
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प्रभाव, वित्तीय बोझ और अन्य पहलुओं का आकलन अभी शुरू नहीं हुआ है
उन्होंने कहा कि जब तक पूरी गणना और विश्लेषण नहीं हो जाता, तब तक बजट में किसी तरह का प्रावधान संभव नहीं है।
18 महीने में देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने आठवें वेतन आयोग को—
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वेतन संरचना,
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देश की आर्थिक स्थिति,
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और कर्मचारियों की मांगों
का अध्ययन कर 18 महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है।
यदि सब कुछ तय समय पर हुआ, तो आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जा सकती हैं।
कर्ज-GDP अनुपात और राजकोषीय घाटे पर क्या बोली सरकार?
कर्ज-GDP रेश्यो को लेकर पूछे गए सवाल पर वुअलनाम ने कहा—
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कर्ज-GDP अनुपात और राजकोषीय घाटा दोनों अहम हैं
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दोनों आपस में जुड़े हुए हैं
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सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य है कि 2030 तक कर्ज-GDP अनुपात को 50% (±1%) तक लाया जाए
सरकार ने 2026-27 के लिए कर्ज-GDP अनुपात 55.6% रहने का अनुमान रखा है, जो चालू वित्त वर्ष में 56.1% है।
इंटर्नशिप योजना पर क्या कहा व्यय सचिव ने?
इंटर्नशिप योजना को लेकर बजट आवंटन पर वुअलनाम ने कहा—
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यह एक नवोन्मेषी योजना है
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इसमें उद्योगों की भागीदारी जरूरी है
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शुरुआत में गति थोड़ी धीमी रही, लेकिन अब इसमें तेजी आएगी
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मंत्रालय उद्योग जगत और संबंधित पक्षों से लगातार बातचीत कर रहा है
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में यह योजना सफल होगी और युवाओं को लाभ मिलेगा।
राजकोषीय घाटे में कमी को लेकर सरकार का पक्ष
व्यय सचिव ने बताया कि—
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बजट के सभी आंकड़े यथार्थवादी और सावधानीपूर्वक जांचे गए हैं
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GDP अनुमान अति-महत्वाकांक्षी नहीं, बल्कि व्यवहारिक हैं
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2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.3% रखा गया है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के लिए—
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कुल बजट: 53.5 लाख करोड़ रुपये
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पूंजीगत व्यय: 12.2 लाख करोड़ रुपये
का प्रावधान किया है।
कर्मचारियों के लिए क्या है संकेत?
सरकार के इस बयान से साफ है कि—
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8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में अभी समय लगेगा
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तत्काल वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी
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लेकिन आयोग का गठन हो चुका है, यानी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है
अब सबकी नजरें आयोग की रिपोर्ट और उसके लागू होने की समयसीमा पर टिकी हैं।