48 घंटे का बारिश अलर्ट : छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा की चेतावनी, दक्षिण और मध्य क्षेत्र होंगे प्रभावित...

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, छत्तीसगढ़ में सक्रिय हुआ मानसून

रायपुर। 28 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। ओडिशा तट और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण राज्य में तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। विशेषकर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

आज कई जिलों में झमाझम बारिश

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं, कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में बस्तर संभाग के कई हिस्सों में जमकर बारिश दर्ज की गई है।

बस्तर संभाग में बारिश का रिकॉर्ड

पिछले 24 घंटों में इन जिलों में मूसलधार वर्षा दर्ज की गई –

  • सुकमा : 210 मिमी

  • बास्तानार : 200 मिमी

  • लोहांडीगुड़ा : 190 मिमी

  • दरभा : 170 मिमी

  • गीदम और कोंटा : 160 मिमी

  • बड़े बचेली, गादीरास, कटेकल्याण : 150 मिमी

  • तोकापाल : 130 मिमी

  • छोटेडोंगर : 120 मिमी

  • दंतेवाड़ा : 110 मिमी

  • पाटन और कुआकोंडा : 100 मिमी

तापमान का हाल

  • बिलासपुर : अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री

  • राजनांदगांव : न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री

  • रायपुर : अधिकतम 32.9 और न्यूनतम 22.5 डिग्री दर्ज

गुरुवार को रायपुर में भी एक-दो बार गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रह सकता है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

  • 28 अगस्त : अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश, कुछ जिलों में भारी से अति भारी वर्षा।

  • 29 अगस्त : दक्षिण छत्तीसगढ़ में जोरदार बारिश, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बौछारों की संभावना।

  • इसके बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे घट सकती है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण के साथ 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक सक्रिय है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। वहीं, मानसून द्रोणिका बीकानेर, बनस्थली, दमोह, पेंड्रारोड होते हुए इस सिस्टम से जुड़ी हुई है।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *