छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के लछनपुर गांव में 12वीं की एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की दुखद घटना सामने आई है। 18 वर्षीय छात्रा ने घर के कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
घटना कैसे सामने आई?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय छात्रा घर पर अकेली थी जबकि उसके माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। सुबह जब उसकी मां घर लौटीं, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर खिड़की से झांककर देखा गया, जहां छात्रा फंदे से लटकी मिली।
पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा घटना से पहले किसी युवक से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। इस संबंध में डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
डिजिटल एंगल की जांच
पुलिस मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की पड़ताल कर रही है। यदि जांच में किसी प्रकार का बाहरी दबाव या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गांव में शोक का माहौल
ग्रामीणों और सहपाठियों के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में अच्छी और मिलनसार स्वभाव की थी। उसकी अचानक मौत से गांव और स्कूल में गहरा सदमा है।
समाज के लिए संदेश
यह घटना एक बार फिर युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य, संवाद और पारिवारिक सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करती है। किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी या तनाव की स्थिति में परिजनों, शिक्षकों या परामर्शदाताओं से खुलकर बात करना जरूरी है।