म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार, 86 लाख से अधिक का लेन-देन उजागर

दुर्ग। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। म्यूल अकाउंट (दूसरों के नाम पर संचालित बैंक खाते) के माध्यम से साइबर ठगी में संलिप्त 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन खातों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 86,33,247 रुपये की अवैध राशि का लेन-देन किया गया था।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना मोहन नगर क्षेत्र स्थित कर्नाटक बैंक, स्टेशन रोड दुर्ग में संचालित 111 बैंक खातों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

इस मामले में अपराध क्रमांक 07/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4) एवं 61(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान खाताधारकों की पहचान कर 10 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर सभी को 30 मार्च 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

मधु साहू (45), ज्योति गौतम (28), फरहद खान (56), भूपेश गोहिल (51), अजय कुमार उर्फ मोनू (29), मसीर आलम (27), नवीन भागवत (24), भूपेंद्र कुमार टंडन (36), संतोष बिसाई (28) एवं हीरा सिंह (55) शामिल हैं।

जप्त सामग्री

पुलिस ने आरोपियों से बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं।

क्या है मामला

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आर्थिक लाभ के लिए अपने बैंक खातों को साइबर ठगों को उपयोग हेतु उपलब्ध कराते थे, जिससे ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या अन्य वित्तीय साधनों को किसी भी व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

इस पूरी कार्रवाई में थाना मोहन नगर पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

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