दुर्ग / [न्यूज़ टी 20] बुधवार को कलेक्टर सभाग्रह में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन व भूमि स्वामी हक प्रदान तथा गौठान से संबंघित पहलुओं पर चर्चा की। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि शासन ने निम्न वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर भूमिस्वामित्व प्राप्ति के लिए दिशा निर्देश जारी किया है।

जिसमें पट्टा प्राप्त कर झुग्गियों में रहने वाले लोगों को निर्धारित बाजार मूल्य का 22 प्रतिशत देकर भूमि स्वामी का अधिकार प्राप्त होगा। जिला स्तर पर शासकीय भूमि आबंटन/ अतिक्रमण भूमि के व्यवस्थापन का परीक्षण कलेक्टर के समक्ष् प्रस्तुत करने के लिए समिति का गठन किया जाएगा।

जिसमें अध्यक्ष के रूप में अपर कलेक्टर/ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व/ संयुक्त कलेक्टर का चयन किया जाना है। कलेक्टर ने इस अवसर पर उपस्थित सभी अन्य अधिकारियों को रिक्त शासकीय भूमि की जानकारी एकत्रित कर जिला एन.आई.सी. के माध्यम से भुईंया साफ्टवेयर में अपलोड कराकर समस्त शासकीय विभागों से शासकीय भूमि की भविष्य में आवश्यकता के संबंध में 1 माह के अंदर भूमि आबंटन एवं अतिक्रमण भूमि के व्यवस्थापन के लिए प्रस्ताव प्राप्त किए जाने एवं जिले के वेबसाइठ पर अपलोड किए जाने के निर्देशित किया है।

ऐसी शासकीय भूमि जिसकी लोकबाधा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुविधा, लोक प्रयोजन, पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित रखने की आवश्यकता न हो। 7500 वर्गफूट तक भूमि आबंटन व ऐसी अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन किया जा सकेगा। उन्होंने आगे नगरीय क्षेत्रों में स्थित शासकीय भूमि आबंटन, नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन और नगरीय क्षेत्रों में प्रदत्त पट्टों को भूमि स्वामी हक पर भी प्रकाश डाला।

नगरीय क्षेत्रों में राज्य व केन्द्र सरकार के विभागों को भूमि हस्तांतरण का अधिकार जिला कलेक्टर का होगा। इसके अंतर्गत शासकीय विभागों को भूमि तभी आबंटित की जाएगी जब विभाग आबंटित भूमि को अतिक्रमण को बाउंड्रीवाल जैसी आधारभूत संरचना से बचाने के लिए सक्षम् होगा।

22 प्रतिशत में पट्टेदार और 42 प्रतिशत में कब्जेदार को मिलेगा भमिस्वामित्व का अधिकार- समस्त नगर पालिका निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में निवासरत झुग्गिवासियों को आवासीय योजना के अंतर्गत, राजीव गांधी आश्रय योजना/मुख्यमंत्री आबादी पट्टा योजना के तहत् प्रदत पट्टे की भूमि का वर्तमान कब्जे के आधार पर राज्य शासन से भूमिस्वामी हक प्राप्त करने के लिए निर्धारित बाजार मूल्य की 22 प्रतिशत राशि देनी होगी।

यदि पट्टेदार ने किसी अन्य व्यक्ति को भूमि अंतरित कर दी है तो वर्तमान में भूमि में काबिज व्यक्ति निर्धारित बाजार मूल्य का 42 प्रतिशत राशि जमा कर भूमि का स्वामी बन सकता है। इसके अलावा बैठक में गौठान को लेकर विशेष चर्चा की गई। जिसमें संबंधित सभी अधिकारियों को गौठान में गोबर की खरीदी वर्मी, कंपोस्ट खाद की निर्माण प्रक्रिया नियमित हो इस बात के लिए सजग रहने के लिए कहा गया है।  

आने वाले खरीफ फसल के लिए वर्मी कंपोस्ट खाद किसानों के लिए एक विकल्प के बजाए प्राथमिकता बने, इस बात पर ज्यादा से ज्यादा जोर देने के लिए कहा है। आने वाले फसल के लिए वर्मी कंपोस्ट खाद की एक बड़ी खेप सभी गौठानों में तैयार रहे, इस पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।  

इसके अलावा जिन गौठानों में बोर में पानी 250 फीट तक की गहराई पर प्राप्त है वहां सोलर पंप स्थापित करने की बात कही गई है। इसके अलावा चारागाह व्यवस्था, बाड़ी की मॉनिटरिंग और पशु के टीकाकरण और कृत्रिम गर्भधान की समीक्षा भी की गई।

 इस अवसर पर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, अपर कलेक्टर, दुर्ग, ब्रिजेश सिंह क्षत्रिय, अनुविभागीय अधिकारी, धमधा, विपुल गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, पाटन, विनय कुमार पोयाम, अनुविभागीय अधिकारी, दुर्ग।आयुक्त नगर निगम दुर्ग हरेश मंडावी, आयुक्त नगर निगम भिलाई प्रकाश सर्वे, आयुक्त नगर निगम भिलाई चरौदा र्कीतिमान सिंह ठाकुर, आयुक्त नगर निगम रिसाली आशीष देवांगन उपस्थित थे।

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